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अगर ये बाहुबली हैं तो ---- ये बाहुबली अच्छे हैं ! "आत्म चिंतन "

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चुनावी समर में आज बड़े बड़े दिग्गज अपनी अपनी किस्मत आजमाने के लिए आ गए हैं I इसी चुनावी समर के चलते प्रत्याशियो से अधिक चाँदी उनके चाटुकारों की हो गई है I रायबरेली शहर सोनिया गाँधी का चुनावी क्षेत्र होने के कारण यह हमेशा पूरे हिन्दुस्तान के पटल पर सबसे उपर बना रहता है I इस जिले की प्रत्येक विधानसभा सीटो में सबसे महत्व पूर्ण सीट रायबरेली सदर की है जिसमें एक तरफ कांग्रेस सुप्रीमों सोनियागाँधी, युवराज राहुलगाँधी और बेटी प्रियंका अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार कर रहे हैं और इनको सीधी टक्कर पीस पार्टी के अखिलेश सिंह से मिल रही है जिनको बाहुबली कह कर संबोधित किया जा रहा है I लेकिन मैंने इस शहर में लगभग बीस सालों में रह कर जो महसूस किया उसे सुनकर सायद आपको भी बाहुबलियो के विषय में सोचने को विवश कर दे I
पिछले चुनाव में यह जेल में रह कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे और सर्वाधिक मतों से विजय प्राप्त की I इस प्रकार की जीत को देख कर मुझे पहली बार बड़ा ही आश्चर्य हुआ कि कोई जेल में रह कर भी क्या ऐसा कर सकता है I क्योंकि मैंने आम मतदाता के रूप में उस समय के हालात को महसूस किया था कि कितनी जनता इस बाहुबली को पसंद करती है I क्योंकि उस समय मैं सिर्फ घूम – घूम कर यह जानने का प्रयास करता था कि यहाँ कि जनता इस बाहुबली को भयवश चुनती है या इस बाहुबली में कोई वास्तविक गुण है और यदि यह भयवस चुनाव जीतते हैं तो इस समय बाहुबली विधायक जेल में है अब यहाँ कि जनता अपने मत का प्रयोग स्वच्छंद रूप से कर सकती है I लेकिन जो परिणाम सामने आया वह चौकाने वाला था जीत वह भी इतने भारी अंतर से I
इसके बाद तो सायद मुझमे जानने की जिज्ञाषा और बढ़ गई की आखिर इस जीत का कारण क्या है पहले तो यह विचार आया की सायद जेल में रहने की सहानुभूति इनको मिल गई होगी लेकिन यदि ये बाहुबली हैं तो जनता इनके प्रति इतना प्रेम क्यों दिखा रही है यह जानते जानते मुझे पूरे पांच साल लग गये और जो मैंने बाहुबलियों के विषय में सुन रखा था कि इस प्रकार के लोगों के चाटुकार किसी से भी अपना काम मर्जी न मर्जी कराने के लिए विवश कर देते हैं इस प्रकार कि समस्या आम होती हैं लेकिन यहाँ पर इसके विपरीत देखने को मिला I मुझे इन पांच सालों में एक भी विधायक का आदमी नहीं मिला जो किसी को धमका कर या जबरन काम करने के लिए बाध्य करे या यह कहे कि- तुम को ये यह काम करना ही पड़ेगा तुम जानते नहीं हो मैं विधायक का आदमी हूँ !
मैंने देखा इस शहर के अन्दर चाहे वह हिन्दू हो या मुसलमान, व्यापारी हो या सरकारी कर्मचारी सभी इस बाहुबली से भय न खाकर गर्व महसूस करते हैं I यदि आप यहाँ पर किसी रिक्शे वाले या ठेले वाले को धमकाने का प्रयास करें तो वह उल्टा आप को विधायक की धमकी दे देगा क्योंकि उसे मालूम है कि वहां जाने पर किसी की सिपारिस की जरुरत नहीं है और न ही वहाँ पर भाई भतीजावाद या जातिवाद का कोई स्थान है I
अब पुनः चुनाव आ गया है और हमारी रोचकता भी बढ़ गई है क्योंकि इस बार किसी सहानुभूति का सहारा भी नहीं है लेकिन यहाँ की जनता से चाहे वह फुटपाथ पर बैठा छोटा दुकानदार हो या लक्जरी गाड़ी में चलने वाला सेठ सबकी आस्था इस बाहुबली के साथ ही दिखाई पड़ रही है I
यह देख कर तो दिल यही कहता है कि यदि बाहुबली इसे कहते हैं तो बाहुबली ही इस देश को सही तरीके से चला सकते हैं I

अंततः – मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुँचाने का कदापि नहीं है यदि मेरे इस लेख से किसी प्रत्यासी को आपत्ति हो तो मैं उसके लिए क्षमा न मांग कर उसे बाहुबली बनने कि सलाह दूंगा I
मैं तो बस यही कहूँगा कि बाहुबली अच्छे हैं ———

चन्द्रजीत यादव —
peoplefoundation.chandrajeet@gmail.com
http://chandrajeet.jagranjunction.com

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26 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

अलीन के द्वारा
February 18, 2012

सादर नमस्स्कर! विचारणीय लेख…..आखिर बहुबलि क्यों?

    chandrajeet के द्वारा
    March 14, 2012

    धन्यवाद बड़े भाई …

dineshaastik के द्वारा
February 11, 2012

चन्द्रजीत जी नमस्कार,   बाहुबली शब्द कटीली झाड़ियों की तरह चुभता है। हाँ, यह हो सकता है कि जिस अखलेख जी को बहुबली कहा जाता हो वह वस्तुतः बाहुबली न हों। राजनैतिक ईर्ष्या वश उनपर बाहुबली लेबल चिपका दिया गया हो। किन्तु बहुबली किसी भी दृष्टि से समाज तथा राजनीति के लिये लाभप्रद होंगे। अगर इस विचार को हमारे समर्थन का बल मिला तो कालान्तर में राजनीति का अपराधी करण हो जायगा। तथा हमारा लोकत्र किसी तानाशाह की रखैल बन जायगा। कृपया मेरी “बहस” को देखकर अपने विचार व्यक्त करें। http://dineshaastik.jagranjunction.com/

    chandrajeet के द्वारा
    March 14, 2012

    दिनेश जी प्रणाम ….. आप की सोंच बिलकुल सत्य है किन्तु जनता का प्रेम वास्तविक रूप में सामने आ गया है जो कि गाँधी परिवार के त्रिया चरित्र को त्याग कर बाहुबली में आस्था व्यक्त की है और गत वषों कि भांति पुनः सर आँखों मैं बिठा लिया है !

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
February 10, 2012

प्रिय चन्द्र जीत जी रोचकता तो आप के साथ हमारी भी बढ़ गयी अब बाहुबली के प्रति अखिलेश जी का नाम तो सुना था लेकिन अधिक नहीं जानकारी थी अब आप के लेख से आगे इन्तजार रहेगा ….. बाहुबली जो किसी के-जनता के काम आये तो बहुत ही अच्छी बात है ..हम तो रायबरेली को अभी तक गांधी परिवार के नाम से- विकास से जोड़ते आये थे …तो आइये फरवरी १९ का इन्तजार करें … जय श्री राधे भ्रमर ५

    chandrajeet के द्वारा
    March 14, 2012

    सुरेन्द्र जी प्रणाम… आप को रायबरेली के इस लेख से जानकारी मिली यह जानकर मुझे अपने प्रयास में सार्थकता प्राप्त हुई आप १९ फरवरी का इन्तजार कर रहे थे तो आप को बता दें कि आप का इन्तजार खत्म हुआ और परिणाम वही गत वर्षों की भांति बाहुबली प्रेम ही सामने आया और गांघी परिवार को जनता ने पूर्ण रूप से अस्वीकार कर दिया है …..

shivangi के द्वारा
February 10, 2012

अधिकतर बाहुबली लोग क्रिमिनल ही होते है एक दो अक्सेप्सन ही नहीं होते होंगे ।

    chandrajeet के द्वारा
    March 14, 2012

    शिवांगी जी प्रणाम… जो अपनी जनता को सम्पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है और दूसरों के सुख दुःख में सरीक होता है क्या वह बाहुबली होता है ? .

yogi sarswat के द्वारा
February 6, 2012

चन्द्र जीत जी , किसी व्यक्ति या प्रत्याशी को० उस क्षेत्र की जनता से बेहतर कोई नहीं जान सकता ! आपका लेख बेहतर लगा ! कृपया मेरे शब्दों पर भी अपने विचार व्यक्त करें ! \ http://yogensaraswat.jagranjunction.com/2012/01/30

    chandrajeet के द्वारा
    February 6, 2012

    योगी जी प्रणाम … आपने हमारा उत्साह वर्धन किया उसके लिए धन्यवाद ……

sombirsaroya के द्वारा
February 5, 2012

अति उत्तम है श्रीमान जी

    chandrajeet के द्वारा
    February 6, 2012

    धन्यवाद …..

RAJEEV KUMAR JHA के द्वारा
February 5, 2012

रोचक आलेख.बधाई !चंद्रजीत जी.आपने एक ऐसे विषय को छुआ,जिससे कई भ्रांतियां रहती हैं,बाहुबली के बारे में.

    chandrajeet के द्वारा
    February 6, 2012

    राजीव जी उत्साह वर्धन के लिए धन्यवाद …..

abodhbaalak के द्वारा
February 5, 2012

चंद्रजीत जी चलें आपने एक अलग तरह की बाहुबली से भी …………. पर जैसा की तेज जी ने कहा, सब एक से नहीं होते http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    chandrajeet के द्वारा
    February 6, 2012

    हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को लेकर कदापि नहीं है बल्कि जो हमने महसूस किया वह आप लोगों के सामने रखने का प्रयास किया है ! आपके विचारों की में क़द्र करता हूँ ! धन्यवाद …..

D33P के द्वारा
February 5, 2012

सच है चुनाव घोषित होते ही उत्तर प्रदेश के रायबरेली क्षेत्र में बहार आ जाती है क्यूंकि ये गाँधी परिवार का पसंदीदा चुनावी क्षेत्र है !वोटो की राजनीति के खेल में जेल में रहने पर किसी को सहानुभूति नहीं मिलती ,आज जनता बेबस जरुर है पर बेवकूफ नहीं !अगर बाहुबली को जनता का समर्थन प्राप्त है तो जनता उनकी खूबियों से जरुर परिचित है ,फिर वो चाहे जेल में रहे या जेल से बाहर! लेकिन ये भी सच है कोई भी नेता किसी से कम नहीं है बस अन्तर केवल कम या ज्यादा होने का है !कहते है चोर वही है जो पकड़ा जाये !कोई इमानदार नहीं है बस मौका मिलने की बात है ,जिसे मौका नहीं मिलता वो दुसरे को भ्रष्ट कहता है अगर उसे भी मौका मिल जाये तो वो उससे भी बड़ा भ्रष्ट साबित होगा !आप वहा २० सालो से रह रहे है !कितने चुनावों के रंग आपने देखे है ! ये अच्छी बात है कि उत्तर प्रदेश को बाहुबली जैसा नेता हासिल है ,पर सोचने वाली बात ये है कि जिस इंसान को शहर के अन्दर चाहे वह हिन्दू हो या मुसलमान, व्यापारी हो या सरकारी कर्मचारी सभी इस बाहुबली से भय न खाकर गर्व महसूस करते हैं उसने आज तक उनके लिए क्या किया है ?

    chandrajeet के द्वारा
    February 6, 2012

    इनके द्वरा किये गये कार्यों से ही यहाँ की जनता इनको पसंद करती है यही कारण है कि सभी को इनपर गर्व है !!! बहुत बहुत धन्यवाद …….

tejwanig के द्वारा
February 5, 2012

जनाब, आने व्यक्ति विशेष बाहुबली के बारे के संदर्भ में कहा है, यह फार्मूला सभी बाहुबलियों पर लागू नहीं होता

    nishamittal के द्वारा
    February 5, 2012

    प्राय बाहुबली अपने बाहुबल पर जनता को रुलाते है,और आतंकित करते हैं.

    chandrajeet के द्वारा
    February 6, 2012

    हमने महसूस किया वह आप लोगों के सामने रखने का प्रयास किया है ! आपके विचारों की में क़द्र करता हूँ ! हमारे अनुसार या तो यह बाहुबली नहीं हैं या बाहुबली की परिभाषा गलत है !!!! धन्यवाद …..

    chandrajeet के द्वारा
    February 6, 2012

    निशा जी प्रणाम … बाहुबली अगर दुसरे को परेशान या आतंकित करते हैं तो ये बाहुबली नहीं हैं और यदि यह बाहुबली हैं तो बाहुबली कि परिभाषा गलत है !!!

akraktale के द्वारा
January 27, 2012

चंद्रजीत जी नमस्कार, आपने नेता के जो गुण बताये यदि वह जनता की सेवा करना ही धर्म समझता है तो फिर ऐसे ही नेताओं की तो आवश्यकता है. किन्तु बाहुबली का सीधा आर्थ है गुंडा. क्या उसके गलत आचरण के विरोध में ऊँगली उठने पर भी उनका जनता के प्रति यही रवैया रहेगा?

    chandrajeet के द्वारा
    January 27, 2012

    नमस्कार बड़े भाई, आप का प्रोत्साहन हमारे लिए और अच्छा लिखने की प्रेरणा प्रदान करता है I बहुत बहुत धन्यवाद !

ashugrace के द्वारा
January 26, 2012

चंद्रजीत जी, बाहुबली विशेष के परिपेक्ष्य में आपके विचारों का मैं आदर करता हूँ, कभी कभी जो होता है वो दिखाई नहीं देता है, रायबरेली की जनता के लिए ये बाहुबली कदापि नहीं है, वे सचिन तेंदुलकर ( भगवान् ) है, ऐसा सचिन तेंदुलकर जो रन नहीं बनाता है, अपितु जिले के भीतर रोबिन हूद सरीखा कार्य कर रहा है, और रायबरेली की जनता ये ह्रदय से कामना करती है की भारतवर्ष के प्रत्येक क्षेत्र से ऐसे ही बाहुबली चुने जाएँ आपकी भावनाएं, रायबरेली वासिओं की भावनाएं है. आपको धन्यवाद

    chandrajeet के द्वारा
    January 27, 2012

    नमस्कार भाई जी, आप का उत्तर प्रत्येक रूप में हमारे लिए एक नई उर्जा प्रदान करती है I इसके लिए आप का आभारी हूँ , बहुत बहुत धन्यवाद !


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